All ToolsBlog & GuidesPrint ToolsImage ToolsLatest ToolsCyber Cafe ToolsSarkari Form ToolsTop 20 ToolsCalculatorsPDF ToolsTyping ToolsText ToolsUtilitiesSecurity ToolsMost Popular ToolsGovt ID PrintPhoto ResizerKisan CalculatorsFinance CalculatorsHealth CalculatorsBanking CalculatorsConverter ToolsExplore Website
Home Blog & Guides Article

Digital Arrest क्या है? Fake पुलिस और CBI वीडियो कॉल फ्रॉड से कैसे बचें?

Listen to this article
Listening...

1. एक फोन कॉल और 10 लाख रुपये गायब: 'डिजिटल अरेस्ट' की सच्ची कहानी

कल्पना कीजिए, आप अपने घर में आराम से चाय पी रहे हैं। अचानक आपके फोन पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप (WhatsApp) पर वीडियो कॉल आता है। आप कॉल उठाते हैं। स्क्रीन पर एक आदमी पुलिस की वर्दी में बैठा है। पीछे असली पुलिस स्टेशन जैसा बैकग्राउंड है और दीवार पर 'CBI' या 'मुंबई पुलिस' का लोगो लगा है।

वह कड़क आवाज़ में आपसे कहता है— आपका एक पार्सल ताइवान जा रहा था, जिसमें 5 किलो ड्रग्स और 5 फर्जी पासपोर्ट मिले हैं। आपके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हो चुका है!

यह सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाती है। आप कहते हैं, सर, मैंने कोई पार्सल नहीं भेजा। तब वह अधिकारी कहता है, शायद किसी ने आपके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल किया है। हम अभी आपका 'डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest)' कर रहे हैं। जब तक जाँच पूरी नहीं होती, आप कैमरा बंद नहीं कर सकते और कमरे से बाहर नहीं जा सकते।

डर के मारे आप 4 घंटे तक एक कमरे में कैमरे के सामने बैठे रहते हैं। अंत में वो आपसे 'वेरिफिकेशन' के नाम पर या आपके इस मामले को हटाने के नाम पर आपके बैंक खाते से 10 लाख रुपये अपने एक 'सिक्योर अकाउंट' में ट्रांसफर करवा लेते हैं।

और जब कॉल कटता है, तब आपको पता चलता है कि आप लुट चुके हैं! यह कोई कहानी नहीं है, भारत में हर दिन ऐसे हजारों मामले हो रहे हैं। इस ब्लॉग में हम इसी 'डिजिटल अरेस्ट' का पूरा भंडाफोड़ करेंगे।

Digital Arrest क्या है? Fake पुलिस और CBI वीडियो कॉल फ्रॉड से कैसे बचें?

2. डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) क्या होता है? आसान भाषा में समझिए

यह शब्द आजकल अख़बारों और न्यूज़ चैनलों में छाया हुआ है। असल में 'डिजिटल अरेस्ट' कोई कानूनी शब्द नहीं है। यह साइबर अपराधियों (हैकर्स) द्वारा बनाया गया एक शब्द है।

इसका सीधा सा मतलब है—आपको आपके ही घर में, आपके ही मोबाइल के कैमरे के सामने कैद कर देना।
साइबर ठग आपको वीडियो कॉल पर इतना ज्यादा डरा देते हैं कि आप पुलिस या अपने परिवार वालों को फोन करने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाते। वे आपको घर के एक कमरे में बंद रहने को कहते हैं। आप मानसिक रूप से उनके गुलाम बन जाते हैं। वे जो कहते हैं, आप डर के मारे वही करते जाते हैं।

3. साइबर ठग 'डिजिटल अरेस्ट' का पूरा जाल कैसे बिछाते हैं?

यह फ्रॉड एक दिन में नहीं होता। इसके पीछे ठगों का एक बहुत ही सोचा-समझा और शातिर जाल होता है:

  • पहला कदम (बहाना बनाना): आपके पास एक कंप्यूटर जनरेटेड (IVR) कॉल आती है। नमस्कार, में FedEx से बोल रहे हैं, आपका पार्सल पुलिस ने पकड़ लिया है। कस्टमर केयर से बात करने के लिए 9 दबाएं। या फिर TRAI से बोल रहे हैं, आपका मोबाइल नंबर 2 घंटे में बंद हो जाएगा या कुछ और बहाना बनता है जिससे आप उसके जाल में फस जाये।

  • दूसरा कदम (वीडियो कॉल): जब आप घबराकर बात करते हैं, तो वो कॉल को Skype या WhatsApp पर 'पुलिस अधिकारी' को ट्रांसफर कर देते हैं।

  • तीसरा कदम (डर और दबाव): वर्दी वाला आदमी आपको डराता है। वह आपको फ़र्ज़ी 'अरेस्ट वारंट' या 'सुप्रीम कोर्ट का नोटिस' PDF में भेजता है, जिसमें आपका नाम और आधार नंबर लिखा होता है।

  • चौथा कदम (पैसे लूटना): वो कहते हैं कि अगर आप निर्दोष हैं, तो अपने सारे पैसे RBI के 'सिक्योर अकाउंट' में ट्रांसफर कर दीजिए। जाँच के बाद 2 घंटे में पैसे वापस आ जाएंगे या और कोई बहाना बनाकर अपने अकाउंट में पैसा भेजबा लेता है। आप जैसे ही पैसे भेजते हैं और वो गायब हो जाते हैं।

4. क्या भारत में सचमुच 'डिजिटल अरेस्ट' नाम का कोई कानून है?

बिल्कुल नहीं! 1000% नहीं है!
भारत के संविधान और पुलिस नियमों (IPC/BNS) में 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई चीज़ है ही नहीं।

कानूनी सच्चाई क्या है?
अगर आपने सच में कोई जुर्म किया है, तो भारत की पुलिस आपके घर जीप लेकर आएगी और आपको हथकड़ी पहनाकर थाने ले जाएगी। असली पुलिस, CBI, कस्टम अधिकारी या इनकम टैक्स वाले कभी भी स्काइप या व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल करके किसी से पूछताछ नहीं करते हैं। और सबसे बड़ी बात—कोई भी असली पुलिस अधिकारी कभी 'केस को रफा-दफा' करने के लिए आपसे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहता!

5. नकली पुलिस और असली पुलिस में फर्क कैसे पहचानें?

अगर आपके पास किसी भी 'अधिकारी' का फोन आए, तो इन 5 बातों से उसे तुरंत पहचान सकते है:

  1. कॉल कहाँ से आ रहा है? असली पुलिस कभी WhatsApp पर वीडियो कॉल नहीं करती।

  2. धमकी का तरीका: ठगी करने वाला हमेशा आपको डराएंगे कि कैमरा बंद किया तो पुलिस घर आ जाएगी। असली पुलिस डराती नहीं, सीधा एक्शन लेती है।

  3. पैसे की मांग: ठग हमेशा पैसे किसी 'प्राइवेट बैंक अकाउंट' या UPI में मंगाते हैं। सरकार कभी ऑनलाइन खाते में पैसे नहीं मांगती।

  4. बैकग्राउंड की आवाज़: ठगों के पीछे अक्सर बहुत शोर जैसे Call Center जैसी आवाज़ आ रहा होता है।

  5. भाषा: ठग अक्सर टूटी-फूटी अंग्रेजी या अजीब लहजे में बात करते हैं।

6. अगर आपके पास ऐसा फोन या वीडियो कॉल आए तो तुरंत क्या करें?

कभी भी ऐसा फोन आए, तो आपको 'सिंघम' बनने की जरूरत नहीं है। बस ये काम करें:

  • घबराएं नहीं: सबसे पहले गहरी सांस लें। खुद से कहें कि आपने कोई पार्सल नहीं भेजा है।

  • कॉल तुरंत काट दें: बिना कुछ बोले, बिना बहस किए कॉल को सीधा कट (Disconnect) कर दें।

  • परिवार वालों को बताएं: जिस बात को छिपाने के लिए वो ठग कह रहे थे, तुरंत अपने कमरे से बाहर निकलें और घर वालों को सब सच-सच बता दें।

  • 1930 पर कॉल करें: यह भारत सरकार का 'National Cyber Crime Helpline' नंबर है। तुरंत इस पर कॉल करें और पूरी बात बताएं।

  • नंबर ब्लॉक करें: उस व्हाट्सएप नंबर को तुरंत 'Block & Report' कर दें।

7. अगर आपने गलती से पैसे भेज दिए हैं तो क्या करें?

अगर डर के मारे आपने पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, तो रोने से काम नहीं चलेगा। 'समय' बहुत कीमती है!

  • पहले 30 मिनट क्यों सबसे महत्वपूर्ण हैं? हैकर्स आपके पैसे को तुरंत एक खाते से दूसरे खातों में भेज देते हैं। अगर आप 30 मिनट से 2 घंटे के अंदर 1930 पर कॉल कर देते हैं, तो पुलिस उन पैसों को जिस भी बैंक में गए हैं, वहीं उस अकाउंट को 'फ्रीज़ (Freeze/Lock)' करवा सकती है।

  • बैंक को क्या जानकारी दें? तुरंत अपने बैंक के कस्टमर केयर को कॉल करके बताएं और उन्हें ट्रांजेक्शन आईडी (Transaction ID) देकर अपना अकाउंट ब्लॉक करवाएं।

  • शिकायत कहां दर्ज करें? 1930 पर कॉल करने के बाद, सरकार की आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन FIR जरूर दर्ज करवाएं।

8. हैकर्स को आपकी जानकारी (नाम, आधार, नंबर) कहां से मिलती है?

अक्सर लोग हैरान होते हैं कि उसे मेरे पिता का नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर कैसे पता था? भाई, हैकर्स कोई जादूगर नहीं हैं। हम खुद उन्हें अपनी जानकारी देते हैं:

  1. सोशल मीडिया: हम किसी भी सोशल मीडिया जैसे-फेसबुक या इंस्टाग्राम पर अपनी डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर और परिवार की जानकारी खुलेआम डाल देते हैं।

  2. फर्जी वेबसाइट: फ्री में आईफोन जीतें या बहुत सारे ऐसे लालच वाले लिंक पर क्लिक करके हम अपना फॉर्म भर देते हैं।

  3. फोटोकॉपी की दुकान: कई बार रद्दी में फेंके गए आधार कार्ड की फोटोकॉपी हैकर्स के हाथ लग जाती है।

  4. डेटा लीक (Data Leak): बड़ी-बड़ी कंपनियों का डेटा जब हैक होता है, तो लाखों लोगों के नंबर, आधार कार्ड या पूरा डाटा जो आप उस वेबसाइट पर डाले थे वो सभी डार्क वेब (Dark Web) पर कौड़ियों के भाव बिक जाते हैं।

9. अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित कैसे रखें?

साइबर सुरक्षा कोई हवा-हवाई बात नहीं है, यह आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। आप अपने डेटा को इन 2 तरीकों से 'हैक-प्रूफ' बना सकते हैं:

1. हमेशा मजबूत पासवर्ड (Strong Password) बनाएं

लोग अक्सर अपना पासवर्ड Rohan@123 या अपना मोबाइल नंबर रख लेते हैं। ऐसे पासवर्ड हैकर्स का सॉफ्टवेयर 1 सेकंड में तोड़ देता है इसके लिए निचे Password Generator में अपना एक मजबूत पासवर्ड बना सकते हैं।

👉 Strong Password Generator

  • अपने सोशल मीडिया या नेट बैंकिंग के लिए एक ऐसा पासवर्ड बनाएं जिसे हैकर्स का बाप भी न तोड़ सके!

  • हमारा टूल 1-क्लिक में नंबर, सिंबल और अक्षरों को मिलाकर 100% सुरक्षित पासवर्ड बनाता है।

Strong Password Generator
ईमेल, बैंकिंग और सरकारी फॉर्म्स के लिए 1-क्लिक में 100% हैक-प्रूफ और मज़बूत पासवर्ड बनाएँ।
Open Tool Now

2. व्हाट्सएप पर अपने बैंक की डिटेल सीधा न भेजें

जब भी आप किसी को अपना आधार नंबर, एटीएम का पिन या बैंक डिटेल व्हाट्सएप पर भेजते हैं, तो वह सुरक्षित नहीं होता इसके लिए आप निचे Text Encryptor का इस्तेमाल कर सकते हैं।

👉 Secret Text Encryptor

  • अपने सीक्रेट मैसेज को इस टूल में डालें।

  • एक पासवर्ड सेट करें। यह टूल आपके मैसेज को एक 'अजीब से कोड (Encryption)' में बदल देगा।

  • अब उस कोड को व्हाट्सएप पर भेजें। सामने वाला व्यक्ति जब आपका बताया हुआ पासवर्ड डालेगा, तभी वह असली मैसेज पढ़ पाएगा!

Secret Text Encryptor
अपने प्राइवेट मैसेज, बैंक डिटेल्स या व्हाट्सएप चैट को पासवर्ड लगाकर 1-क्लिक में लॉक (Encrypt) करें। 100% सुरक्षित।
Open Tool Now

10. आपके मोबाइल की 5 सेटिंग्स जो साइबर सुरक्षा बढ़ा सकती हैं

आज ही अपने फोन में ये 5 सेटिंग्स बदल लें:

  1. Unknown Callers को Silent करें: WhatsApp की प्राइवेसी सेटिंग में जाएं और 'Silence Unknown Callers' को ऑन कर दें। इससे जो आपके मोबाइल में नंबर सेव नही है और विदेशी नंबरों से आने वाले कॉल की घंटी ही नहीं बजेगी।

  2. App Permissions चेक करें: किसी भी ऐरे-गैरे ऐप जैसे टॉर्च या कैलकुलेटर ऐप को अपने 'कैमरा' या 'कांटेक्ट (Contacts)' की परमिशन न दें।

  3. Auto Download बंद करें: व्हाट्सएप में फोटो और वीडियो का 'ऑटो-डाउनलोड' बंद रखें, ताकि कोई हैकर आपको वायरस वाली फाइल भेजे तो वो अपने आप डाउनलोड नही हो सके।

  4. Two-Factor Authentication (2FA): अपने व्हाट्सएप, जीमेल और फेसबुक या किसी भी सोशल अकाउंट पर 'Two-Factor Authentication' जरूर चालू रखें।

  5. Security Updates चालू रखें: अपने फोन को हमेशा अपडेट (Update) करते रहें।

11. AnyDesk, TeamViewer और Screen Share वाले फ्रॉड से कैसे बचें?

यह एक और बहुत खतरनाक फ्रॉड है। ठग आपको बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते हैं और कहते हैं कि सर, आपकी KYC पेंडिंग है, प्ले स्टोर से AnyDesk या TeamViewer ऐप डाउनलोड कर लीजिए इसी से आपका KYC हो जाएगी।

स्क्रीन शेयर क्यों खतरनाक है?
जैसे ही आप वो ऐप डाउनलोड करके उन्हें कोड बताते हैं, आपके मोबाइल की पूरी स्क्रीन उनके कंप्यूटर या मोबाइल पर दिखने लगती है। अब आप जो भी APP चालू करेंगे जैसे Paytm, PhonePay, Google Pay या कुछ भी अपने फ़ोन में करेंगे, वो सब उन्हें लाइव दिखेगा और वो आपका खाता मिनटों में साफ कर देंगे!

बचाव का तरीका:
कभी भी फोन पर किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें, और न ही व्हाट्सएप पर अपनी स्क्रीन किसी के अनजाने के साथ शेयर (Screen Share) करें।

12. बुजुर्ग और माता-पिता सबसे ज्यादा शिकार क्यों बनते हैं?

साइबर अपराधी अक्सर 50-60 साल के ऊपर के बुजुर्गों को ही क्यों ज्यादा फंसाते हैं?

  • डर का फायदा: जब पुलिस या कोर्ट का नाम लिया जाता है, तो पुराने लोग अपनी इज्जत खराब होने के डर से जल्दी घबरा जाते हैं।

  • तकनीकी जानकारी की कमी: उन्हें इंटरनेट, पीडीएफ (PDF), और वीडियो कॉल की ज्यादा जानकारी नहीं होती।

  • भावनात्मक दबाव: ठग उन्हें डराते हैं कि तुम्हारे बेटे ने एक्सीडेंट कर दिया है, जल्दी पैसे भेजो वरना उसे जेल हो जाएगी। माता-पिता घबराहट में बिना सोचे पैसे भेज देते हैं।

💡 सबसे जरूरी सलाह माता-पिता और बुजुर्गों के लिए:
आजकल हैकर्स AI (Artificial Intelligence) तकनीक का इस्तेमाल करके बिल्कुल आपके बेटे या बेटी की आवाज़ की हूबहू नकल (Voice Cloning) कर लेते हैं। वो आपको फोन पर किसी रोते हुए लड़के की आवाज़ सुनाएंगे और कहेंगे, पापा मुझे बचा लो, पुलिस ने पकड़ लिया है।

बचाव का सीधा तरीका: अगर कभी भी ऐसा फोन आए कि आपका बच्चा मुसीबत में है या उसका एक्सीडेंट हो गया है, तो बिल्कुल न घबराएं! सबसे पहले वह फोन काटें और तुरंत अपने बेटे/बेटी के असली नंबर पर खुद कॉल करके बात करें। या फिर उनके किसी दोस्त/ऑफिस के साथी को फोन लगाकर सच्चाई का पता करें। बिना अपनी तसल्ली किए 1 रुपया भी किसी अनजान खाते में न भेजें!

13. 2026 के 10 सबसे खतरनाक साइबर फ्रॉड जिन्हें आज ही जान लें

1. डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest): जिसके बारे में हमने ऊपर पूरी बात की।

2. APK फाइल वाला खतरनाक फ्रॉड (WhatsApp Hack): आपको व्हाट्सएप पर एक फाइल जैसे 'PM Kisan KYC.apk', RTO.apk या 'Jio 5G Update.apk' भेजी जाती है। जैसे ही आप इस 'APK' फाइल को क्लिक करके इंस्टॉल (Install) करते हैं, आपका फोन हैक हो जाता है। हैकर्स आपके ही व्हाट्सएप से आपके सभी रिश्तेदारों को मैसेज करके पैसों की उधार मांगने लगते हैं।

3. बिजली बिल (Electricity Bill) कटने का मैसेज: शाम के वक्त आपके मोबाइल पर एक मैसेज आता है— आपका पिछला बिल अपडेट नहीं हुआ है, आज रात 9:30 बजे आपकी बिजली काट दी जाएगी। इस नंबर पर अधिकारी से बात करें। घबराहट में लोग कॉल करते हैं और ठग उन्हें एक ऐप डाउनलोड करवा कर उनका पूरा बैंक खाता खाली कर देते हैं।

4. फर्जी ई-चालान (Fake E-Challan) मैसेज: आपको व्हाट्सएप या एसएमएस (SMS) पर एक मैसेज आता है कि आपकी गाड़ी का 2000 रुपये का चालान कटा है, इस लिंक पर क्लिक करके चालान भरें। वह लिंक बिल्कुल असली सरकारी वेबसाइट (Parivahan) जैसा दिखता है, लेकिन पेमेंट करते ही पैसा हैकर के पास चला जाता है।

5. KYC अपडेट फ्रॉड: आपका SBI या PNB का खाता आज रात बंद हो जाएगा, चालू रखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करके आधार कार्ड या पैन कार्ड अपडेट करें। लिंक पर जाते ही आपका पासवर्ड चोरी हो जाता है।

6. QR Code स्कैम (पैसे पाने का धोखा): आपको OLX या मार्केटप्लेस पर कोई सामान बेचना होता है। ठग कहता है, 'मैं आपको 5000 रुपये भेज रहा हूँ, आप बस अपना फोन खोलकर इस QR Code को स्कैन कर लें और अपना UPI पिन डाल दें

 एक बात हमेशा हमेशा याद रखें: पैसे लेने (Receive) के लिए कभी UPI पिन नहीं डालना पड़ता, पिन सिर्फ पैसे भेजने (Send) के लिए होता है)।

7. फर्जी लोन ऐप (Blackmail App): आप इंटरनेट से कोई 'इंस्टेंट लोन (Instant Loan)' ऐप डाउनलोड करते हैं। वो आपको बिना मांगे 5000 का लोन दे देते हैं। लेकिन इसके बदले में वो आपकी 'कांटेक्ट लिस्ट (Contact List)' और गैलरी हैक कर लेते हैं। फिर वो आपके रिश्तेदारों को आपकी गंदी फोटो और विडियो भेजकर ब्लैकमेल करते हैं और लाखों रुपये वसूलते हैं।

8. WhatsApp Account Takeover (ग्रुप फ्रॉड): आपको किसी अनजान नंबर से कॉल आता है— 'मैं आपके व्हाट्सएप ग्रुप का एडमिन हूँ, एक जरूरी मीटिंग का ओटीपी (OTP) आपके पास गया है, मुझे बता दो।' ओटीपी बताते ही आपका व्हाट्सएप उनके कंट्रोल में चला जाता है।

9. पार्ट-टाइम जॉब (Task/Telegram) स्कैम: व्हाट्सएप पर मैसेज आता है कि YouTube वीडियो को लाइक करने पर हर दिन 2000 रुपये कमाएं। शुरुआत में वो आपको 150-200 रुपये देते हैं। और फिर आपसे कहते हैं कि अब बड़ा टास्क है, 10,000 जमा करो तो 15,000 मिलेंगे। और इसके बाद वो आपके पैसे लेकर गायब हो जाते हैं।

10. कस्टम और गिफ्ट (Parcel) स्कैम: इंस्टाग्राम या फेसबुक पर कोई विदेशी (Foreigner) दोस्त बनता है। वो कहता है कि मैंने तुम्हारे लिए लंदन से एक महंगा गिफ्ट जैसे Iphone या Gold भेजा है। कुछ दिन बाद कस्टम ऑफिसर (Custom Officer) बनकर कोई कॉल करता है और कहता है कि पार्सल छुड़ाने के लिए 50,000 रुपये कस्टम ड्यूटी (Tax) भरो और इसी तरह आपका 5000 रुपया लेकर गायब हो जाता है।

14. निष्कर्ष: आपका डर नहीं, जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है!

इंटरनेट एक बहुत अच्छी जगह है, लेकिन यहाँ कुछ भेड़िये (Hackers) भी बैठे हैं जो आपके डर का फायदा उठाकर आपकी जिंदगी भर की कमाई लूटना चाहते हैं।

'डिजिटल अरेस्ट' नाम का कोई भूत नहीं है। अगर कोई आपको फोन पर डराए, धमकाए या पुलिस की वर्दी दिखाए, तो बस एक लंबी सांस लें और फोन काट दें। जो व्यक्ति आपको सोचने का समय नहीं दे रहा है, समझ लीजिए कि वही सबसे बड़ा फ्रॉड है।

इस जानकारी को सिर्फ अपने तक सीमित न रखें। इस आर्टिकल को आज ही अपने परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप्स (Family Groups), अपने माता-पिता और अपने दोस्तों के साथ शेयर (Share) जरूर करें। आपकी यह छोटी सी कोशिश किसी की जिंदगी भर की कमाई को लुटने से बचा सकती है।

जागरूक रहें, सतर्क रहें, और eCAFE TOOLS के साथ खुद को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखें

धन्यवाद!

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: क्या पुलिस व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर पूछताछ कर सकती है?
Ans: बिल्कुल नहीं! भारत की कोई भी जांच एजेंसी (Police, CBI, ED) कभी भी व्हाट्सएप, स्काइप या टेलीग्राम पर कॉल करके आधिकारिक पूछताछ या गिरफ्तारी नहीं करती है। यह काम कागजी नोटिस भेजकर होता है।
Q2: क्या बिना OTP दिए भी बैंक से पैसे निकल सकते हैं?
Ans: आम तौर पर बिना OTP पैसे नहीं निकलते। लेकिन अगर आपने किसी फर्जी वेबसाइट पर अपने कार्ड की डिटेल सेव कर दी है और 'इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन' ऑन है, तो बिना OTP के भी पैसे कट सकते हैं।
Q3: अगर मैंने ठगों को पैसे भेज दिए हैं, तो क्या वो वापस मिल सकते हैं?
Ans: अगर आप ठगी होने के 1 से 2 घंटे के अंदर '1930' पर कॉल करके शिकायत कर देते हैं, तो पैसे वापस मिलने के चांस (Chances) 80% से ज्यादा होते हैं। देरी करने पर हैकर्स पैसे क्रिप्टो (Crypto) में बदलकर गायब कर देते हैं।
Q4: 1930 हेल्पलाइन कितनी मदद करती है?
Ans: यह भारत सरकार का 'साइबर सेफ' पोर्टल है जो 24x7 काम करता है। इनका बैंकों से सीधा संपर्क होता है। शिकायत मिलते ही ये उस बैंक खाते को फ्रीज़ (Lock) कर देते हैं जिसमें आपका पैसा गया है।
Q5: क्या CBI सीधे फोन करके पेनाल्टी के पैसे मांग सकती है?
Ans: नहीं! सरकारी विभाग कभी भी किसी व्यक्ति से फोन पर जुर्माने (Penalty) की रकम किसी भी 'प्राइवेट बैंक अकाउंट' या UPI आईडी पर ट्रांसफर करने को नहीं कहते।
eCAFE TOOLS

eCAFE TOOLS Official

eCAFE TOOLS के संस्थापक। मेरा जुनून भारत के लाखों CSC VLE भाइयों और मेहनती छात्रों के लिए ऐसे स्मार्ट और 100% मुफ्त डिजिटल टूल्स तैयार करना है, जो उनके घंटों का काम सेकंडों में बदल सकें। हम सुरक्षा (Security) और प्राइवेसी से कभी समझौता नहीं करते।